मल्टीविटामिन क्या है? इसे लेने से पहले किन बातों को समझना ज़रूरी है?
मल्टीविटामिन एक आहार सप्लीमेंट है, जिसमें अलग-अलग विटामिन और खनिज शामिल हो सकते हैं। जानें मल्टीविटामिन की सामग्री, लेबल, Serving Size और इसे लेने से पहले ध्यान रखने वाली जरूरी बातें।
Ayurvedic Physician · Reg. No. 77487, UP Board of Indian Medicine

एक नज़र में
मल्टीविटामिन में अलग-अलग विटामिन और खनिज शामिल हो सकते हैं।
हर मल्टीविटामिन की सामग्री और पोषक तत्वों की मात्रा एक जैसी नहीं होती।
विटामिन और खनिजों का संतुलित और विविध आहार महत्वपूर्ण स्रोत है
किसी सप्लीमेंट को संतुलित आहार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
उत्पाद के लेबल पर सेवन की निर्धारित मात्रा और पोषक तत्वों की मात्रा देखें।
एक से ज़्यादा सप्लीमेंट लेने पर यह देखें कि किसी एक पोषक तत्व की मात्रा अलग-अलग उत्पादों से अनावश्यक रूप से दोहर तो नहीं रही है।
मल्टीविटामिन क्या है?
मल्टीविटामिन एक तरह का आहार सप्लीमेंट है, जिसमें एक से ज़्यादा विटामिन और अक्सर कुछ खनिज शामिल होते हैं। कुछ उत्पादों में अन्य घटक भी शामिल हो सकते हैं।
मल्टीविटामिन को किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। कुछ परिस्थितियों में इसका उपयोग आहार से पर्याप्त मात्रा में न मिल पाने वाले कुछ पोषक तत्वों की मात्रा पूरी करने में मदद के लिए किया जा सकता है।
एक ज़रूरी बात यह है कि हर मल्टीविटामिन का एक ही तय फ़ॉर्मूला नहीं होता। अलग-अलग उत्पादों में पोषक तत्व और उनकी मात्रा अलग हो सकती है। इसलिए सभी मल्टीविटामिन उत्पादों को एक जैसा मानना सही नहीं है।
मल्टीविटामिन में क्या-क्या शामिल हो सकता है?
कुछ उत्पादों में ये विटामिन और खनिज शामिल हो सकते हैं:
विटामिन:
विटामिन A
विटामिन C
विटामिन D
विटामिन E
कुछ B विटामिन
खनिज:
कैल्शियम
आयरन
ज़िंक
मैग्नीशियम
ध्यान दें: हर उत्पाद में ये सभी पोषक तत्व मौजूद हों, यह ज़रूरी नहीं है। सामग्री और मात्रा उत्पाद के अनुसार अलग हो सकती है। कुछ उत्पादों में हर्बल या अन्य घटक भी शामिल हो सकते हैं।
हर मल्टीविटामिन एक जैसा क्यों नहीं होता?
अलग-अलग उत्पादों में कई तरह के फ़र्क हो सकते हैं:
सामग्री अलग हो सकती है — किसी उत्पाद में कुछ विटामिन या खनिज शामिल हो सकते हैं, जबकि दूसरे उत्पाद में अलग पोषक तत्व शामिल हो सकते हैं
पोषक तत्वों की मात्रा अलग हो सकती है — एक ही विटामिन या खनिज की मात्रा अलग उत्पादों में अलग हो सकती है।
एक बार में लेने की मात्रा अलग हो सकती है — किसी उत्पाद के लेबल पर एक टैबलेट लिखा हो सकता है, तो किसी दूसरे पर दो कैप्सूल।
अन्य सामग्री अलग हो सकती है — कुछ उत्पादों में विटामिन और खनिजों के अलावा अन्य घटक भी होते हैं।
इसीलिए किसी भी उत्पाद को लेने से पहले उसका लेबल पढ़ना उपयोगी है। केवल पैकेट के सामने लिखे नाम या दावों से उत्पाद की पूरी जानकारी नहीं मिलती।
शरीर को विटामिन और खनिज कहाँ से मिलते हैं?
विटामिन और खनिजों की प्राप्ति में रोज़ का संतुलित और विविध भोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संतुलित और विविध आहार में इन खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है:
फल
सब्ज़ियाँ
दालें और फलियाँ
साबुत अनाज
मेवे और बीज
दूध और दुग्ध उत्पाद या उपयुक्त विकल्प
अंडे और अन्य पोषक खाद्य पदार्थ
भोजन से हमें विटामिन और खनिजों के साथ-साथ फाइबर, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व भी मिल सकते हैं। इसलिए विविध आहार रोज़मर्रा के पोषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हर व्यक्ति की पोषण संबंधी ज़रूरत एक जैसी नहीं होती। उम्र, जीवन की अवस्था, खान-पान और कुछ स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों के कारण इन ज़रूरतों में फ़र्क हो सकता है।
क्या हर व्यक्ति को मल्टीविटामिन की ज़रूरत होती है?
हर व्यक्ति के लिए मल्टीविटामिन ज़रूरी हो, ऐसा नहीं है। इसकी आवश्यकता व्यक्ति के खान-पान और दूसरी व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है।
इसमें कुछ बातें महत्वपूर्ण हो सकती हैं:
रोज़ का खान-पान कैसा है
उम्र और जीवन की अवस्था
व्यक्तिगत पोषण संबंधी ज़रूरतें
कुछ स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियाँ
खान-पान से जुड़ी पाबंदियाँ
इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि हर किसी को मल्टीविटामिन लेना चाहिए। ज़रूरत होने पर योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है।
किन परिस्थितियों में सप्लीमेंट लेने पर विचार किया जा सकता है?
कुछ स्थितियों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ सप्लीमेंट की आवश्यकता पर विचार कर सकते हैं, जैसे:
आहार में पर्याप्त विविधता न होना या पोषण संबंधी जरूरतों को भोजन से पूरा करना कठिन होना
कुछ विशेष खान-पान संबंधी पाबंदियाँ होना
जीवन की कुछ विशेष अवस्थाएँ
स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा किसी पोषण संबंधी आवश्यकता की पहचान होना
महत्वपूर्ण: केवल इन बातों के आधार पर खुद से यह न मानें कि शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी है। किसी पोषक तत्व की कमी का आकलन व्यक्ति के खान-पान, स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकता के अनुसार उचित मूल्यांकन या जाँच के आधार पर किया जा सकता है।
मल्टीविटामिन संतुलित आहार का विकल्प क्यों नहीं है?
यह समझना ज़रूरी है कि मल्टीविटामिन और संतुलित भोजन एक ही चीज़ नहीं हैं।
भोजन से हमें सिर्फ़ विटामिन और खनिज ही नहीं मिलते। संतुलित आहार से फाइबर, प्रोटीन, वसा और कई दूसरे पोषक तत्व भी मिलते हैं, जो हमारे पूरे पोषण का हिस्सा होते हैं।
इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को संतुलित और विविध आहार का विकल्प नहीं मानना चाहिए। जहाँ आवश्यकता हो, सप्लीमेंट कुछ पोषक तत्वों की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह भोजन का पूरी तरह विकल्प नहीं है।
अगर आप किसी मल्टीविटामिन उत्पाद के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं, तो उसके लेबल पर दी गई सामग्री, विटामिन और खनिजों की मात्रा तथा सेवन की निर्धारित मात्रा को ध्यान से पढ़ें। उदाहरण के लिए, आयुर्वेदिक सप्लीमेंट जैसे उत्पाद की जानकारी लेते समय उसके लेबल और सामग्री को समझना उपयोगी है।
किसी भी सप्लीमेंट को संतुलित और विविध आहार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
मल्टीविटामिन का लेबल कैसे पढ़ें?
किसी भी सप्लीमेंट के बारे में सही जानकारी समझने के लिए उसका लेबल पढ़ना ज़रूरी है। इसमें इन बातों पर ध्यान दें:
सेवन की निर्धारित मात्रा (Serving Size)
यह बताता है कि लेबल पर दी गई पोषक तत्वों की जानकारी कितनी मात्रा के लिए है। यह एक टैबलेट, एक कैप्सूल, दो कैप्सूल, एक पैकेट, एक चम्मच या लेबल पर निर्धारित किसी अन्य मात्रा के रूप में हो सकती है।
इसे पहले देखना उपयोगी है, क्योंकि आगे दी गई पोषक तत्वों की मात्रा इसी निर्धारित मात्रा के आधार पर दी जा सकती है।
एक सर्विंग में पोषक तत्वों की मात्रा (Amount per Serving)
इससे पता चलता है कि बताई गई सेवन मात्रा में किसी पोषक तत्व की कितनी मात्रा मौजूद है।
उदाहरण के लिए, अगर लेबल पर एक सर्विंग की मात्रा दो कैप्सूल दी गई है, तो बताई गई पोषक तत्वों की मात्रा उन दोनों कैप्सूल की कुल मात्रा को दर्शाएगी, केवल एक कैप्सूल की नहीं।
विटामिन और खनिजों की मात्रा
लेबल पर अलग-अलग विटामिन और खनिजों के नाम के साथ उनकी मात्रा भी दी जाती है। यह मात्रा मिलीग्राम (mg) या माइक्रोग्राम (mcg) जैसी इकाइयों में लिखी हो सकती है।
इससे आपको पता चलता है कि उत्पाद में कौन-कौन से पोषक तत्व और कितनी मात्रा में शामिल हैं।
%DV (दैनिक मान का प्रतिशत)
%DV (Percent Daily Value) अमेरिकी पोषण और सप्लीमेंट लेबलिंग में इस्तेमाल होने वाला एक संदर्भ है। यह बताता है कि किसी उत्पाद की एक सर्विंग में मौजूद पोषक तत्व, निर्धारित Daily Value का कितना प्रतिशत प्रदान करता है।
यह हर व्यक्ति की व्यक्तिगत पोषण संबंधी आवश्यकता का सीधा माप नहीं है। इसलिए %DV को अपनी व्यक्तिगत जरूरत के बराबर नहीं मानना चाहिए।
भारतीय पाठकों के लिए ध्यान दें: भारत में खाद्य और स्वास्थ्य सप्लीमेंट से जुड़ी लेबलिंग संबंधित भारतीय नियमों के अनुसार होती है। भारत में FSSAI ने स्वास्थ्य सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों के लिए संबंधित नियम बनाए हैं। इसलिए अमेरिकी %DV जानकारी को भारतीय लेबलिंग व्यवस्था के समान मानना सही नहीं होगा।
अन्य सामग्री (Other Ingredients)
इस हिस्से में सक्रिय पोषक तत्वों के अलावा उत्पाद में शामिल दूसरी सामग्री की जानकारी दी जा सकती है।
अगर आपको किसी सामग्री से एलर्जी या संवेदनशीलता है, या आप किसी विशेष घटक से बचना चाहते हैं, तो इस हिस्से को ध्यान से पढ़ना उपयोगी हो सकता है।
एक से ज़्यादा सप्लीमेंट लेने पर क्या ध्यान रखें?
अगर आप एक साथ कई सप्लीमेंट लेते हैं, तो उनके लेबल को ध्यान से पढ़ना ज़रूरी है। अलग-अलग सप्लीमेंट में एक ही विटामिन या खनिज शामिल हो सकता है। ऐसे में अलग-अलग उत्पादों से मिलने वाली कुल मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
इसलिए, सप्लीमेंट लेते समय इन बातों का ध्यान रखें:
सभी सप्लीमेंट के लेबल पढ़ें और उनकी सामग्री की जानकारी लें।
देखें कि अलग-अलग उत्पादों में कौन-से विटामिन या खनिज दोहराए जा रहे हैं।
लेबल पर दी गई सुझाई गई मात्रा से अधिक सेवन अपनी ओर से न करें।
यदि डॉक्टर ने अलग मात्रा बताई है, तो उनकी सलाह का पालन करें।
अगर आप कोई दवा लेते हैं या आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो सप्लीमेंट लेने से पहले योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
कुछ सप्लीमेंट दवाओं के असर को प्रभावित कर सकते हैं या उनके साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, NIH के अनुसार विटामिन K वाले सप्लीमेंट वारफरिन जैसी कुछ रक्त का थक्का बनने से रोकने वाली दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। ऐसी दवाएँ लेने वाले लोगों को सप्लीमेंट के बारे में अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
मल्टीविटामिन लेने से पहले किन बातों पर ध्यान दें?
मल्टीविटामिन लेने से पहले उसका लेबल पढ़ें। साथ ही अपनी खान-पान की आदतों और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों पर भी ध्यान दें।
आसान जाँच सूची
पूरा लेबल पढ़ें: उत्पाद में क्या-क्या शामिल है, इसकी जानकारी लें।
सेवन की निर्धारित मात्रा देखें: एक सर्विंग में कितनी मात्रा दी गई है, यह समझें।
विटामिन और खनिज देखें: कौन-से पोषक तत्व हैं और उनकी मात्रा कितनी है, इसे पढ़ें।
अन्य सप्लीमेंट की जाँच करें: अगर आप पहले से अन्य सप्लीमेंट लेते हैं, तो उनकी सामग्री भी देखें।
अपने खान-पान पर विचार करें: रोज़ के भोजन में कौन-कौन से खाद्य पदार्थ शामिल हैं, इस पर ध्यान दें।
दवाओं की जानकारी साझा करें: अगर कोई दवा चल रही है, तो सप्लीमेंट लेने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
विशेष परिस्थितियों में सावधानी रखें: गर्भावस्था, स्तनपान या किसी स्वास्थ्य समस्या के दौरान योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करें।
यह जाँच सूची उत्पाद की जानकारी समझने में मदद करती है। इससे किसी व्यक्ति के लिए सप्लीमेंट लेना आवश्यक है या नहीं, यह अपने आप तय नहीं होता।
डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से कब सलाह लें?
हर व्यक्ति की पोषण संबंधी ज़रूरतें और स्वास्थ्य स्थिति अलग हो सकती हैं। इसलिए कुछ परिस्थितियों में मल्टीविटामिन या अन्य सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित हो सकता है।
इन स्थितियों में विशेषज्ञ से बात करें:
अगर आप नियमित रूप से कोई दवा लेते हैं: कुछ सप्लीमेंट दवाओं के असर को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इन्हें साथ लेने से पहले सलाह लें।
गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान: इस समय किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करें।
अगर आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है: अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सप्लीमेंट की उपयुक्तता के बारे में सलाह लें।
अगर आपको किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह है: सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें। आवश्यकता होने पर उचित जाँच की सलाह दी जा सकती है।
अगर आप एक साथ कई सप्लीमेंट लेते हैं: सभी उत्पादों की जानकारी विशेषज्ञ को दें, ताकि दोहराए जा रहे पोषक तत्वों और संभावित जोखिमों पर ध्यान दिया जा सके।
सप्लीमेंट लेने का निर्णय केवल अनुमान या दूसरों की सलाह के आधार पर न लें। अपनी स्वास्थ्य स्थिति, खान-पान और आवश्यकता के अनुसार योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना एक जिम्मेदार तरीका हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. मल्टीविटामिन क्या है?
मल्टीविटामिन एक तरह का आहार सप्लीमेंट है, जिसमें आमतौर पर एक से ज़्यादा विटामिन और कुछ खनिज शामिल होते हैं। इसकी सामग्री और पोषक तत्वों की मात्रा अलग-अलग उत्पादों में अलग हो सकती है।
2. क्या हर मल्टीविटामिन एक जैसा होता है?
नहीं। अलग-अलग उत्पादों में शामिल सामग्री, विटामिन और खनिजों की मात्रा, सेवन की निर्धारित मात्रा और अन्य सामग्री अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी उत्पाद को लेने से पहले उसका लेबल पढ़ना उपयोगी है।
3. क्या मल्टीविटामिन संतुलित आहार की जगह ले सकता है?
नहीं। संतुलित और विविध आहार से शरीर को विटामिन और खनिजों के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। कोई भी सप्लीमेंट संतुलित आहार का पूरी तरह विकल्प नहीं है।
4. मल्टीविटामिन के लेबल पर सबसे पहले क्या देखें?
सबसे पहले सेवन की निर्धारित मात्रा (Serving Size) देखें। इससे समझने में मदद मिलती है कि लेबल पर दी गई पोषक तत्वों की मात्रा किस निर्धारित मात्रा के लिए है। इसके बाद विटामिन, खनिज और अन्य सामग्री की जानकारी पढ़ें।
5. क्या एक साथ कई सप्लीमेंट लिए जा सकते हैं?
यह व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, लिए जा रहे उत्पादों और उनकी सामग्री पर निर्भर कर सकता है। अगर आप एक से ज़्यादा सप्लीमेंट लेते हैं, तो सभी के लेबल पढ़ें और एक जैसे पोषक तत्वों की दोहराई गई मात्रा पर ध्यान दें। आवश्यकता होने पर डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
6. क्या हर व्यक्ति को मल्टीविटामिन की ज़रूरत होती है?
ज़रूरी नहीं। सप्लीमेंट की आवश्यकता व्यक्ति के खान-पान, उम्र, जीवन की अवस्था और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है। हर व्यक्ति के लिए मल्टीविटामिन लेना आवश्यक नहीं होता।
7. मल्टीविटामिन लेने से पहले डॉक्टर से कब बात करनी चाहिए?
अगर आप नियमित रूप से कोई दवा लेते हैं, गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो सप्लीमेंट शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
निष्कर्ष
मल्टीविटामिन की सामग्री और पोषक तत्वों की मात्रा अलग-अलग उत्पादों में अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले उसका लेबल, सेवन की निर्धारित मात्रा और उसमें शामिल पोषक तत्वों की जानकारी समझना उपयोगी है।
संतुलित और विविध आहार पोषण का महत्वपूर्ण आधार है। यदि आप एक से अधिक सप्लीमेंट लेते हैं, कोई दवा लेते हैं या आपकी कोई विशेष स्वास्थ्य स्थिति है, तो आवश्यकता के अनुसार योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
ध्यान दें
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और उपभोक्ता जागरूकता के लिए है। यह किसी बीमारी के निदान, इलाज या व्यक्तिगत चिकित्सा एवं पोषण संबंधी सलाह का विकल्प नहीं है।
किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले, खासकर यदि आप नियमित रूप से कोई दवा लेते हैं, गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है , योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।
संदर्भ (Sources)
NIH Office of Dietary Supplements (ODS): General information on multivitamin/mineral supplements.
NIH ODS — Health Professional Fact Sheet: Information on multivitamin/mineral supplements for healthcare professionals.
U.S. FDA — Dietary Supplement Labeling Guide: Information on supplement labels, Serving Size, and %DV.
FSSAI: Regulations related to health supplements and nutraceutical products in India.
FSSAI — Labelling and Display Regulations: Information on food labelling and display requirements.
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Disclaimer: This article is for general informational purposes only and is not a substitute for professional medical advice. Always consult a qualified Ayurvedic practitioner or physician before acting on any information here.
About the Author

डॉ. सुहैल सिद्दीकी (Dr Suhail Siddiqui), B.A.M.S., एक योग्य एवं पंजीकृत आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं। उन्होंने चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान (Choudhary Brahm Prakash Ayurved Charak Sansthan), गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से वर्ष 2024 में बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (B.A.M.S.) की डिग्री प्राप्त की है। वे उत्तर प्रदेश बोर्ड ऑफ इंडियन मेडिसिन (UP Board of Indian Medicine) में पंजीकृत चिकित्सक हैं — रजिस्ट्रेशन संख्या 77487 — और वर्तमान में SS Herbal India के साथ आयुर्वेदिक चिकित्सक (Ayurvedic Physician) के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, जीवनशैली प्रबंधन और रोगों की रोकथाम से जुड़े विषयों में विशेष रुचि है। डॉ. सुहैल मुख्य रूप से कान, नाक और गला (ENT) से संबंधित समस्याओं, टिनिटस (Tinnitus), कान में फंगल इंफेक्शन, हकलाना, पथरी, मधुमेह, पाचन संबंधी समस्याओं तथा अन्य सामान्य स्वास्थ्य विषयों पर आयुर्वेद आधारित जानकारी साझा करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल भाषा में समझाकर लोगों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुँचाना है। SS Herbal India पर प्रकाशित लेखों के लिए डॉ. सुहैल आयुर्वेदिक ग्रंथों, उपलब्ध आधुनिक शोध, चिकित्सा साहित्य तथा विश्वसनीय स्वास्थ्य स्रोतों का अध्ययन करते हैं। उनके नाम से प्रकाशित होने वाला प्रत्येक लेख प्रकाशन से पहले उनकी समीक्षा से होकर जाता है। प्रत्येक लेख का उद्देश्य पाठकों को संतुलित, तथ्य-आधारित और उपयोगी स्वास्थ्य जानकारी प्रदान करना है। यह जानकारी केवल शैक्षणिक एवं जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की जाती है और किसी भी प्रकार से व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। डॉ. सुहैल सिद्दीकी का लक्ष्य लोगों को सही स्वास्थ्य जानकारी देकर उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, रोगों की बेहतर समझ विकसित करने और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनने में सहायता करना है।
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